पर्यावरण संरक्षण अधिनियम भारत की हवा, पानी, जंगल और जीव-जंतुओं को बचाने वाले कानूनों का समूह है। SSC, Railway, State PSC और UPSC में इनसे हर साल सवाल आते हैं, इसलिए साल, उद्देश्य और संस्था तीनों याद रखें।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की पूरी सूची
| क्रम | अधिनियम / नियम | वर्ष |
|---|---|---|
| 1 | भारतीय वन अधिनियम | 1927 |
| 2 | वन्यजीव संरक्षण अधिनियम | 1972 |
| 3 | जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम | 1974 |
| 4 | वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम | 1981 |
| 5 | पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम | 1986 |
| 6 | ओजोन क्षयकारी पदार्थ (विनियमन और नियंत्रण) नियम | 2000 |
| 7 | जैव विविधता अधिनियम | 2002 |
| 8 | राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) अधिनियम | 2010 |
| 9 | प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम | 2016 |
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भारतीय वन अधिनियम 1927: पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की नींव
यह अंग्रेजों के समय का कानून है। इसमें वनों, वन-उपज के परिवहन और लकड़ी पर शुल्क से जुड़े प्रावधान हैं। यह 1865 के पुराने वन अधिनियम की जगह आया था।
- वनों के तीन वर्ग: आरक्षित वन, संरक्षित वन और ग्राम वन
- आरक्षित वन में सबसे सख्त नियम होते हैं
WHY: उस समय का मकसद जंगल बचाना कम और लकड़ी पर सरकारी नियंत्रण रखना ज्यादा था। इसी वजह से बाद में 1980 में वन संरक्षण अधिनियम लाना पड़ा।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972
यह कानून जंगली जानवरों के शिकार और व्यापार पर रोक लगाता है। राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य बनाने का कानूनी आधार भी यही है।
- इसकी अनुसूचियों में जानवरों को सुरक्षा के स्तर के हिसाब से बांटा गया है
- 2022 के संशोधन के बाद अनुसूचियां 6 से घटकर 4 रह गईं
Exam Trap: पुरानी किताबों में 6 अनुसूचियां लिखी मिलती हैं। नया पैटर्न पूछे तो 4 वाला जवाब चुनें।
जल अधिनियम 1974
यह भारत का पहला बड़ा प्रदूषण-नियंत्रण कानून माना जाता है। इसी के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बने।
WHY: 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद भारत ने पर्यावरण कानूनों की शुरुआत की। संसद ने यह कानून राज्यों की सहमति से पास किया था।
वायु अधिनियम 1981
यह कानून वायु प्रदूषण रोकने के लिए है। इसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र घोषित करने का प्रावधान है। 1987 के संशोधन में ध्वनि को भी वायु प्रदूषक माना गया।
Exam Trap: ध्वनि प्रदूषण के लिए अलग मूल अधिनियम नहीं है। इसके नियम पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत बने हैं।
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986: छाता कानून
इसे “umbrella act” कहते हैं, क्योंकि बाकी कई नियम इसी के अंदर बने हैं, जैसे ओजोन और प्लास्टिक नियम।
- भोपाल गैस त्रासदी (1984) के बाद आया
- संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत बना
- केंद्र सरकार को पर्यावरण की गुणवत्ता सुधारने के व्यापक अधिकार देता है
नोट: हाल के वर्षों में इसकी दंड-व्यवस्था में संशोधन हुए हैं। सजा और जुर्माने की ताज़ा जानकारी indiacode.nic.in या MoEFCC से जरूर जांचें।
जैव विविधता अधिनियम 2002
यह 1992 के जैव विविधता सम्मेलन (CBD) के प्रति भारत की प्रतिक्रिया है।
- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA), मुख्यालय चेन्नई (nbaindia.org)
- राज्य जैव विविधता बोर्ड और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMC)
- जैविक संसाधनों के उपयोग से मिले लाभ का बंटवारा (benefit sharing)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) अधिनियम 2010
NGT पर्यावरण से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालत है। इसकी स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को हुई।
- मुख्य पीठ दिल्ली में है
- क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में हैं
- मामलों का निपटारा 6 महीने के भीतर करने का लक्ष्य है
- अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय में होती है
WHY: ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद भारत ऐसा विशेष पर्यावरण न्यायाधिकरण बनाने वाला तीसरा देश है। आधिकारिक जानकारी: greentribunal.gov.in
ओजोन परत संरक्षण नियम 2000
ये नियम पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत बने हैं और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) को लागू करते हैं। ये CFC जैसे ओजोन क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन और उपयोग को नियंत्रित करते हैं।
Exam Trap: यह “अधिनियम” नहीं, “नियम” (Rules) है।
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016
ये नियम भी 1986 के अधिनियम के तहत बने हैं।
- विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR): प्लास्टिक बनाने वाली कंपनी कचरे के निपटान की जिम्मेदार
- संशोधन 2021: 1 जुलाई 2022 से चुनिंदा एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध
- प्लास्टिक थैलों की न्यूनतम मोटाई बढ़ाई गई (50 माइक्रोन से 75 और फिर 120 माइक्रोन)
प्रदूषण से जुड़ी ताज़ा रिपोर्ट और आंकड़े CPCB पर देखें।
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याद रखने की ट्रिक और Exam Traps
साल की ट्रिक (सिर्फ बड़े 4 के लिए):
वन्य बहत्तर, जल चौहत्तर, वायु इक्यासी, पर्यावरण छियासी, यानी 72, 74, 81, 86।
क्रम याद रखें: वन्यजीव, जल, वायु, पर्यावरण। यह क्रम साल के हिसाब से बढ़ता है।
आम गलतियां:
- सबसे पुराना कानून वन अधिनियम 1927 है। वन्यजीव अधिनियम उससे बाद का है।
- 1986 वाला कानून भोपाल त्रासदी के बाद आया।
- NGT 2010 में बना, जबकि जैव विविधता अधिनियम 2002 में।
जुड़े Concepts: वन संरक्षण अधिनियम 1980 (2023 में संशोधित और नया नाम), संविधान का अनुच्छेद 48A (राज्य का कर्तव्य) और 51A(g) (नागरिक का कर्तव्य)।
Practice Twist: “भोपाल गैस त्रासदी के बाद बना कानून कौन सा है?” या “कौन सा कानून नियम है, अधिनियम नहीं?” इस तरह के सवाल भी आते हैं।
FAQ
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम कब बना ?
उत्तर: 1986 में। यह भोपाल गैस त्रासदी के बाद आया।
भारत का पहला प्रदूषण नियंत्रण कानून कौन सा है ?
उत्तर: जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम 1974।
NGT की स्थापना कब हुई ?
उत्तर: 18 अक्टूबर 2010 को।
निष्कर्ष
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की यह पूरी सूची साल, संस्था और उद्देश्य के साथ याद करें। इन 9 कानूनों से हर परीक्षा में कम से कम 1-2 सवाल पक्के माने जाते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख की जानकारी परीक्षा की तैयारी के उद्देश्य से दी गई है और सरकारी स्रोतों तथा मानक पुस्तकों पर आधारित है। कानूनों में समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं, इसलिए किसी भी परीक्षा से पहले अंतिम जानकारी संबंधित आधिकारिक वेबसाइट (indiacode.nic.in, moef.gov.in) से जरूर जांच लें। यह लेख कानूनी सलाह नहीं है। Saieducare11 किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है। किसी त्रुटि की जानकारी हमें दें, हम उसे जल्द सुधारेंगे।
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